रायबरेली में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्मित सड़कें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं हैं। वर्ष 2022 में लाखों रुपये की लागत से दरीबा से कटघर मार्ग पर बनी सड़क एक साल के भीतर ही कई जगहों पर खराब हो चुकी है। सड़क निर्माण का कार्य इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड फर्म को सौंपा गया था, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता इतनी निम्न स्तर की है कि आए दिन ट्रैक्टर, डंपर जैसे भारी वाहन इस पर फंस जाते हैं। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गई है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना था, लेकिन रायबरेली में इस योजना के क्रियान्वयन में गंभीर खामियां सामने आई हैं। दरीबा से कटघर मार्ग पर हुआ सड़क निर्माण इसका जीता-जागता उदाहरण है। लाखों रुपये की लागत से बनी यह सड़क अपने निर्माण के एक वर्ष के भीतर ही जगह-जगह से उखड़ने लगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया। इस कारण सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। खराब सड़क के कारण आवागमन दूभर हो गया है। भारी वाहनों के फंसने से न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि उन्हें निकालने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ग्रामीणों को आए दिन इस समस्या का सामना करना पड़ता है, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। सड़क की यह दुर्दशा स्थानीय प्रशासन और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यह मामला प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। योजना के तहत बनी सड़कों की गुणवत्ता की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।