रायबरेली में गांवों को सशक्त व हाईटेक बनाने के लिए ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन का निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों को जरूरी अभिलेखों के लिए ब्लॉक व तहसील का चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए इनमें पंचायत सहायकों की नियुक्ति भी की गई है। पंचायत भवन में बैठकर ग्रामीणों के काम के अलावा मनरेगा की हाजिरी व ग्रामसभा में कराए गए काम का भुगतान करने के निर्देश शासन से दिए गए हैं। लेकिन, गांवों में पंचायत भवन बंद पड़े रहते हैं। पंचायत भवनों के न खुलने से ग्रामीणों को परिवार रजिस्टर के लिए ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। शिकायत के बावजूद इस ओर अधिकारियों की नजर नहीं जा रही है। कागज पर सभी जगह पंचायत भवन में काम हो रहे हैं। ऐसा नहीं है कि जिम्मेदारों को इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन वह मौन हैं। अधिकारियों की मनमानी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है। लोगों का कहना है कि न सचिव गांव आते हैं। न पंचायत सहायक का कहीं पता रहता है।