रायबरेली में हरचंदपुर क्षेत्र के ओई गांव में एक ऐतिहासिक भीट पर कुषाण कालीन रहस्यमयी सुरंग और प्राचीन अवशेष मिले हैं। इन धरोहरों के मिलने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। शुक्रवार को सुरंग स्थल की पक्की बैरिकेडिंग की गई। यह कार्य ग्राम पंचायत ओई के प्रधान प्रतिनिधि हरिश्चंद्र मौर्य ने पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में कराया। सीमेंट के खंभे गड़वाकर कांटेदार तारों से पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया गया है। हाल ही में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की एक टीम ने इस स्थल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान मिले प्राचीन अवशेषों और सुरंग की संरचना की विस्तृत वैज्ञानिक जांच जारी है। रिपोर्ट आने तक किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने लोगों से बैरिकेडिंग के भीतर प्रवेश न करने की अपील की है। जांच पूरी होने तक स्थल की सुरक्षा बनाए रखने में सहयोग करने को भी कहा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बैरिकेडिंग होने से अब दुर्घटना की आशंका कम होगी। इससे ऐतिहासिक महत्व वाले इस स्थल की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। यह कदम धरोहर के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है। प्रशासन का उद्देश्य इस प्राचीन स्थल को सुरक्षित रखना है।