त्योहार कोई भी हो, किसी भी धर्म का हो, यहां सभी समुदायों के लोग एक-दूसरे के साथ खड़े नजर आते हैं। मौका कोई भी हो, जिलेवासियों ने आपसी सौहार्द का परिचय दिया है। बीते एक महीने की बात करें तो मुकद्दस रमजान के दौरान ही होली का त्योहार मनाया गया। इस समय नवरात्र भी शुरू हो चुके हैं। झूलेलाल जयंती भी मनाई गई। शनिवार को ईद का पर्व मनाया जाएगा। होली पर हिंदू-मुस्लिम गले मिलते दिखे, वहीं होली मिलन समारोहों में भी सभी वर्गों के लोग जुटे। रमजान के दौरान कई रोजा इफ्तार पार्टियां हुईं, जिनमें रोजेदारों के साथ दूसरे समुदायों के लोगों ने भी शिरकत कर आपसी भाईचारे का सबूत दिया। इसी तरह ईद पर भी ईदगाहों में विभिन्न समुदायों के लोग गले मिलने और मुबारकबाद देने के लिए पहुंचेंगे। जिस तरह होली पर एक-दूसरे के घर जाकर गुझिया का स्वाद चखा, उसी तरह ईद पर भी सेंवइयों का स्वाद चखेंगे।