बिजली के निजीकरण के विरोध में मंगलवार को जिले भर के अभियंताओं व कर्मचारियों ने नाराजगी जताई। विद्युत वितरण खंड प्रथम में अभियंताओं व कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। कहा निजीकरण का निर्णय वापस लिया जाना चाहिए। कहा कि 11 दिसंबर को लखनऊ में नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स (एनसीसीओईईई) की मीटिंग के बाद उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ में किए जा रहे बिजली के निजीकरण के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। इसके विरोध में विद्युत वितरण खंड ऊंचाहार, सलोन, ऊंचाहार, डलमऊ, लालगंज, गोराबाजार, त्रिपुला में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के क्षेत्रीय सचिव सौरभ प्रजापति ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक तरफा ढंग से किए जा रहे बिजली के निजीकरण को लेकर देश भर में बिजली कर्मचारियों में भारी गुस्सा व्याप्त है। आनंद प्रकाश वर्मा, सौरभ जायसवाल ने कहा कि निजीकरण से आम जनता का शोषण बढ़ेगा। निजी कंपनियां लोगों का उत्पीड़न करेंगी। धीरेंद्र कुमार सिंह, घनश्याम, एके सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारियों ने देश में सबसे अधिक बिजली आपूर्ति करके एक रिकॉर्ड बनाया है और आगे भी और बेहतर बिजली व्यवस्था के लिए बिजलीकर्मी कड़ी मेहनत के साथ संकल्पित हैं। इसके बावजूद निजीकरण की तैयारी है। इस निर्णय को वापस लिया जाना चाहिए।