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राजनीतिक विशलेषण: चंद्र शेखर की इंट्री से सलोन की सियासत गर्म

राजनीतिक विशलेषण) चंद्र शेखर की इंट्री से सलोन की सियासत गर्म एससी बाहुल सलोन विधानसभा सीट पर आजाद समाज पार्टी की नजर आशीष दीक्षित रायबरेली: सलोन के खमहरिया पूरे कुशल गांव में दलित की मौत के मामले से सलोन की सियासत भी गर्म हो गई है। नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्र शेखर आजाद ने मंगलवार को पीड़ितों से मुलाकात की थी। इस दौरान जो भीड़ दिखी, उसने एससी बाहुल सलोन विधानसभा की नई उभरती राजनीति की धुंधली तस्वीर को भी दिखा दिया। असल में आजाद समाज पार्टी प्रदेश में बड़े स्तर पर विधानसभा चुनाव लड़ने की कवायद में लगी है। पार्टी की नजर उन सीटों पर है जहां पर अनुसूचित जाति का वोटबैंक ठीक ठाक है। सलोन को पार्टी इंट्री गेट के रूप में देख रही है। पार्टी के नेताओं को मालूम है कि बसपा का जो वोटबैंक रायबरेली में है, वह हाशिए पर है तो ऐसे में उस वोटबैंक को अपने पाले में कर लिया गया तो टक्कर रोचक हो जाएगी। लोकसभा चुनाव के बाद से सलोन की राजनीतिक तस्वीर बदलती दिख रही है। पिछवरिया कांड में एक दलित युवक की हत्या कर दी गई थी और उसके बाद सड़क पर जमकर हंगामा हुआ था। सांसद राहुल गांधी ने भी इस कांड की निंदा करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए थे। इस कांड के दौरान भी भीम आर्मी ने खासा रोष जाहिर किया था। राजनीतिज्ञ जानकारों का मानना है कि भीम आर्मी सलोन में लोकसभा चुनाव से अपनी जमीन तैयार कर रही है। भीम आर्मी का कैडर आजाद समाज पार्टी से जुड़ा हुआ है। अब मेवालाल की मौत के बाद जब सड़क पर हंगामा हुआ को पुलिस की तरफ से 205 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। इसने आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी को मुद्दा दे दिया। पहले नगीना लोकसभा सांसद चंद्र शेखर आजाद ने मेवालाल के परिजनों से मोबाइल पर बात की और उसके बाद वह मंगलवार को खुद गांव आए। इस दौरान राजनीति के लिहाज से कोई बात नहीं की लेकिन जो भीड़ दिखी और जिस तरह से शहर से लेकर सलोन तक पोस्टर बैनर लगाए गए, उसने कहीं न कहीं आजाद समाज पार्टी की रायबरेली और अमेठी में राजनीति उपस्थिति को दिखा दिया। इसके आगे वाले दिनों में दूरगामी परिणाम सामने आएंगे। इनसेट बड़े दलों की राह हो सकती मुश्किल चंद्र शेखर आजाद ने मंगलवार को अलग हटकर काम किया। कार के बोनेट पर गमछा बिछाया और फिर मेवालाल के परिवार की सहायता के लिए चंदे की मांग की। 35 हजार का चंदा एकत्र हुआ। इसके बाद उन्होंने जब यह कहा कि जब भी जरूरत होगी वह आएंगे। इससे साफ रहा कि सलोन में आजाद समाज पार्टी कुछ नया करने की तैयारी कर रही है। पार्टी के रणनीतिकारों को मालूम है कि यदि सलोन में मेहनत की जाएगी तो उसका परिणाम अच्छा होगा। पार्टी बड़े दलों की राह मुश्किल कर देगी। चंद्र शेखर आजाद ने सलोन आकर एक संदेश भी दिया है कि अनुसूचित जाति के साथ वह पूरी ताकत के साथ खड़े हैं। वहीं भीड़ ने इशारों में यह बात बता दी कि अन्य दलों के लिए आगे की राह मुश्किल होने वाली है।

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