रायबरेली जिले की लालगंज कोतवाली क्षेत्र के गौरा रुपई गांव में हुई बुजुर्ग की मौत के मामले में प्राथमिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस ने बिसरा को सुरक्षित रखवा दिया है। वहीं गत 22 फरवरी हुई मारपीट में आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने से नाराज मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव के घर पहुंचने पर अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। पुलिस मृतक के गांव पहुंचकर परिजनों को समझाने बुझाने में जुटी है। मृतक के बड़े बेटे संतोष का कहना है कि पुलिस जानबूझकर आरोपियों को बचा रही है। मामले में लीपापोती की जा रही है। उसके पिता की तबीयत खराब थी, मारपीट में घायल उसके पिता की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उसकी मां के दोनों हाथों में फैक्चर है। पुलिस ने पहले ही उचित धाराओं में केस दर्ज नहीं किया। आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए लेकिन पुलिस ने आश्वासन के बाद ऐसा नहीं किया। हल्का दरोगा ने आरोपी पक्ष से साठगांठ कर उसकी मदद की। दरोगा को बर्खास्त किया जाना चाहिए। मृतक के परिजनों की ओर से शव के अंतिम संस्कार न किए जाने की सूचना पर सोमवार की सुबह से ही कोतवाली पुलिस मय फोर्स के गांव पहुंच गई है। प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। बिसरा को जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।