रायबरेली के बछरावां सीएचसी को एफआरयू दर्जा मिला हैं। वहीं, सीएचसी में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। जिससे क्षेत्र में सीएचसी चर्चा का विषय बनी हुई है। क्षेत्र से लगातार स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के पास पहुंची शिकायतों पर स्वास्थ्य मंत्री द्वारा जांच कराई गई जिस पर मंगलवार शाम स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने अधिकारियों को निर्देश दिए की सीएचसी अधीक्षक अनिल जैसल वह एक अन्य डॉक्टर पर विभागीय जांच करते हुए स्थानांतरित किए जाएं तथा काफी दिनों से गैर हाजिर चल रहे पांच अन्य डॉक्टरों को बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं। जिससे सीएचसी में हड़कंप मचा हुआ है। कार्रवाई के बाद सीएचसी में अब सिर्फ 6 डॉक्टर ही सीएचसी को संचालित कर रहे हैं। बछरावां सीएससी में प्रतिदिन 500 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण मरीज को भी समय से इलाज नहीं मिल पाता है। सीएससी में पहुंचे मरीज चंदन, आकाश ,सोनू, माया का कहना है कि सीएचसी में वह बुधवार सुबह पहुंची तो एक डॉक्टर ओपीडी कक्ष में बैठकर मरीज देख रहा था भीड़ ज्यादा होने के कारण बड़ी-बड़ी लंबी-लंबी लाइन लगी रही जिस कारण समय से इलाज नहीं हो पा रहा है। सीएचसी डॉक्टरों की कमी के कारण इलाज कराना समय से संभव नहीं है। डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवाइयां भी लिखी जा रही हैं जिन पर अधिकारी संज्ञान लेकर बाहर की दवाइयां लिखने का सिलसिला बंद कराये। डॉ प्रभात मिश्रा ने बताया कि प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ रही है गर्मी के कारण लगातार मरीज बुखार पेट संबंधित बीमारी होने के चलते मरीजों की संख्या बड़ी है। सीएचसी में आए मरीजों का इलाज लगातार किया जा रहा है। ब्लड बैंक व हेल्थ एटीएम कागजों पर हो रहा संचालित कस्बे के रहने वाले मनजीत रोहित शंकर जमुना प्रसाद का कहना है कि बछरावां सीएससी में हेल्थ एटीएम बीते 2 वर्षों से लगा हुआ है तथा बाइट 6 माह से ब्लड बैंक भी लगाया गया है परंतु यह दोनों सेंटर सिर्फ कागजों पर ही संचालित हो रहे हैं। उन लोगों को यह भी नहीं पता कि यह मशीने कहां लगाई गई हैं। इन मशीनों की सुविधा उन लोगों को नहीं मिल पा रही हैं।