रायबरेली के खजूरगांव रजवाहा में पांच साल से पानी नहीं आया है। रजवाहा में धूल उड़ रही है। इसके चलते एक सैकड़ा गांव के 50 हजार से अधिक किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए रुपये खर्च करने के साथ मशक्कत करनी पड़ रही है। सबसे खराब स्थिति छोटे किसानों की है, जिनके पास सिंचाई के संसाधन के लिए पैसे नहीं हैं। इस कारण उनको दूसरों के सामने पैसे के लिए हाथ फैलाने पड़ते हैं। एक तरफ रजवाहा में पानी नहीं आ रहा है... तो दूसरी तरफ सिल्ट सफाई के नाम पर पिछले पांच साल में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने दो करोड़ से अधिक रुपया खर्च कर दिया है। सवाल यह है कि जब पानी ही नहीं आया तो फिर सिल्ट सफाई क्यों की गई। असल में सिस्टम की खामी किसानों के लिए आफत बन गई है। उधर इस रजवाहा का सीधा कनेक्शन उन्नाव के डौंडियाखेड़ा नहर पंप से है। ऐसे में पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी उन्नाव के अधिकारियों के हाथ में है। पांच साल में जिस तरह रुपयों की बर्बादी हुई, उसने सवाल खड़े किए हैं।