प्रदेश की राजधानी लखनऊ की शान कही जाने वाली गोमती नदी की अविरल धारा तमाम प्रयासों के बाद भी नहीं बह सकी। जहां पूर्व सरकारों के कार्यकाल में गोमती नदी की अविरलता को लेकर कई प्रोजेक्ट बने, निर्माण कार्य के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च भी कर दिए गए। लेकिन गोमती का उद्धार न हो सका। बता दें कि पीलीभीत जिले की माधोटांडा ग्राम पंचायत के फुलहर गांव में गोमती नदी का उद्गम स्थल है। गोमती को प्रदूषण मुक्त कर अविरल धारा बहाने के लिए योजना बनी थी लेकिन पांच साल बीतने के बाद भी कुछ नहीं हो सका। आलम यह है कि गोमती उद्गम स्थल के आगे निकलते ही जनपद सीमा में कई स्थानों पर नदी की जमीन पर कब्जे हो गए। जिससे नदी सिकुड़ती चली गई।