पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज जंगल में स्थित प्राचीन सिद्ध बाबा धाम श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। मान्यता है कि यहां सिद्ध बाबा ने लगभग 500 वर्ष पूर्व कठोर तपस्या की थी। बाद में महावीर दास उर्फ तपसी बाबा ने इस पवित्र स्थान को खोजकर यहां धार्मिक गतिविधियों की शुरुआत कराई। जो आज विशाल मेले के रूप में निरंतर जारी है। हर वर्ष लगने वाले सिद्ध बाबा मेले में दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाएं लेकर बाबा के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। श्रद्धालु यहां अखंड रामायण, हवन-पूजन, भंडारे तथा धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन कराते हैं। मान्यता है कि संतान प्राप्ति ,सुख-समृद्धि सहित विभिन्न इच्छाओं की पूर्ति बाबा के आशीर्वाद से होती है। तपसी बाबा के बाद उनके शिष्य प्रेमदास उर्फ मुगरिया दास ने मंदिर की सेवा और देखरेख की। वर्तमान में बाबा सेवादास सिद्ध बाबा मंदिर के पुजारी के रूप में इसकी व्यवस्था संभाल रहे हैं। मेले के दौरान प्रतिदिन भंडारों का आयोजन होता है। जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। पीलीभीत के कोने-कोने से और बरेली, लखनऊ, प्रयागराज और हरिद्वार सहित विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ सिद्ध बाबा मेले की भव्यता और धार्मिक महत्व को दर्शाती है। जंगल के बीच स्थित यह प्राचीन स्थल आज भी श्रद्धा विश्वास और परंपरा का जीवंत प्रतीक बना हुआ है।