पीलीभीत के राजकीय मेडिकल कॉलेज में बुधवार को नशा मुक्त भारत पखवाड़ा के तहत एमबीबीएस छात्रों के लिए मादक द्रव्य दुरुपयोग (ड्रग एब्यूज) विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव, उसकी रोकथाम और समाज में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। महाविद्यालय के औषधिविज्ञान (फार्माकोलॉजी) विभाग की ओर से लेक्चर थिएटर-2 में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. अमित कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि मादक द्रव्यों का सेवन केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। भविष्य के चिकित्सकों का दायित्व है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और नशामुक्त समाज के निर्माण में चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रतियोगिता में एमबीबीएस विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतिभागियों से मादक द्रव्यों के दुष्प्रभाव, बचाव, उपचार और जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे गए, जिनका विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिया। कड़े मुकाबले में तानिष्क और सिद्धांत की टीम ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया।