मुजफ्फरनगर में आवास विकास कॉलोनी के लिए शेरनगर, बिलासपुर और धंधेड़ा गांव की चिन्हित की गई 42 सौ हेक्टेयर जमीन पर विवाद शुरू हो गया है। तीनों गांव के ग्रामीणों ने एलान किया एक इंच जमीन नहीं देंगे। हर मोर्चे पर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। शेरनगर गांव में आशु मुखिया के आवास पर आयोजित पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि केवल कृषि भूमि नहीं, बल्कि तालाब, पुराने पेड़, दरगाह, मंदिर का भी अधिग्रहण कर लिया गया है। पूरे क्षेत्र का पौराणिक अस्तित्व अधिग्रहण से समाप्त हो जाएगा। वर्तमान में कॉलोनी की कोई आवश्यकता ही नहीं है। कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इस तरह की योजना बना रहे हैं, जिसे कारगर नहीं होने दिया जाएगा। एलान किया गया कि जरूरत पड़ी तो क्षेत्र के लोग मुख्यमंत्री से मिलने के लिए जाएंगे। ग्रामीण तौसीब चौधरी ने कहा कि क्षेत्र में पहले ही अविकसित कॉलोनियां है। सरकार को पहले इन कॉलोनियों का विकास करना चाहिए। ग्रामीण प्रमोद कुमार और रविंद्र सैनी ने कहा कि भूमि अधिग्रहण को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। विकास का भार केवल तीन गांव पर नहीं डाला जाना चाहिए। कानूनी लड़ाई की तैयारी, करेंगे धरना प्रदर्शन शेरनगर गांव के अधिवक्ता खुर्रम ने बताया कि कानूनी लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। ग्रामीण अपना हक लेकर रहेंगे। जरूरत पड़ी तो शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया जाएगा। विभाग की ओर से की जा रही एकतरफा प्रक्रिया पर ग्रामीणों के बीच नाराजगी है। खुली सुनवाई के बिना सर्वे और नोटिस भेजना गलत है।