बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की महानगर संयोजिका अल्पना रितेश गुप्ता ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से नीति निर्माण की दिशा अधिक संवेदनशील और समावेशी बनेगी। वह पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में प्रबुद्ध महिलाओं की गोष्ठी को संबोधित कर रही थीं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम अभियान के तहत सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि नारी शक्ति सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि नए भारत की सबसे बड़ी ताकत है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 देश के लोकतांत्रिक इतिहास का ऐतिहासिक निर्णय है। यह कानून महिलाओं को भागीदार से निर्णयकर्ता बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इसी से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण होगा। नीति निर्माण अधिक संवेदनशील और जन-केंद्रित होगा। महिलाओं को लाभार्थी से नीति निर्माता बनाया जाएगा। सीएल गुप्ता आई इंस्टीट्यूट की ट्रस्टी शिखा गुप्ता ने कहा कि जब नारी सशक्त होती है, तो समाज सशक्त होता है, और जब समाज सशक्त होता है, तो राष्ट्र मजबूत होता है। प्रांत सह संयोजिका मेजर डॉ. मीनू मेहरोत्रा ने कहा कि यह अधिनियम देश के लोकतांत्रिक यात्रा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. नीतू रस्तोगी ने कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना, महिला नेतृत्व के बिना अधूरा है। इस दौरान निमित जायसवाल, विशाल त्यागी, नवीन चौधरी, अर्चित गुप्ता, मयूर भाटिया आदि उपस्थित रहीं।