टोल प्लाजा पर विवाद के मामले में पकड़े गए किसानों की बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने आंबेडकर पार्क सिविल लाइन में पंचायत की। राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल तालान की अगुवाई में किसानों की रिहाई को लेकर बातचीत हुई। नियमानुसार जल्द रिहाई का भरोसा मिलने पर बैठक को खत्म कर दिया गया। किसानों को अधिवक्ताओं ने भी समर्थन दिया। आठ मई को बिलारी कोतवाली क्षेत्र के इब्राहिमपुर टोल प्लाजा पर भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के कार्यकर्ताओं और टोल कर्मियों के बीच विवाद हो गया था। टोल कर्मियों की शिकायत पर पुलिस ने 24 किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। किसानों पर जबरन बैरियर हटाकर गाड़ियों को मुफ्त में निकालने और टोल कर्मियों के साथ मारपीट का आरोप लगा था, जबकि किसानों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। इन्हीं गिरफ्तार किसानों की बिना शर्त रिहाई को लेकर भाकियू (महात्मा टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल तालान की अगुवाई में पंचायत की। प्रदेश के विभिन्न जिलों से किसान कार्यकर्ता यहां पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों को पूरी एकजुटता के साथ कानून के दायरे में रहकर अपनी बात को मजबूती के साथ रखनी चाहिए। टोल प्लाजा पर किसानों की गिरफ्तारी जैसी घटनाएं किसानों की आवाज को दबाने जैसी हैं। किसानों को बिना शर्त रिहा करके मुकदमे को निरस्त किया जाना चाहिए। जिलाध्यक्ष सुशील चौधरी ने बताया कि पंचायत के बाद पदाधिकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में एसएसपी से मिलने गए। वास्तविक जानकारी देते हुए किसानों को रिहाई की मांग की। जिलाध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में रिमांड आठ जून तक है। उम्मीद है कि इससे पहले ही किसानों को रिहा कर दिया जाएगा और मुकदमे निरस्त किए जाएंगे।इसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मवीर सिंह, सुमित चौधरी, विक्की चौधरी, सतपाल, अशुदन आदि कई पदाधिकारी शामिल रहे।