मुहर्रम की दसवीं तारीख रविवार को नौंवी तारीख पर इमामचौक पर बैठाए गए ताजियों को इमामबाड़ा पहुंचाकर दफन किया गया। रास्ते भर मातम करते हुए लोगों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद कर मातम किया। नगर के रामबाग, तरकापुर व अन्य कई जगहों से एक के बाद एक ताजिए निकलते रहे। उनके साथ बड़ी संख्या में लोग मातम करते हुए चलते रहे। तेज धूप के बाद भी लोगों की संख्या में कमी नहीं हुई। नगर के इमामबाड़ा में कुल 73 ताजिए दफन किए गए। सिटी मजिस्ट्रेट विनीत उपाध्याय ने बताया कि इनमें से 72 ताजिए नगर के तथा एक ताजिया देहात कोतवाली क्षेत्र का था। पूरे नगर में जगह- जगह ताजियादारों के लिए विभिन्न अंजुमनों की ओर से शीतल पानी व शर्बत की व्यवस्था की गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस अधिकारी भी लगातार चक्रमण करते रहे। इमामबाड़ा पर मेला जैसा दृश्य रहा। वहां भी प्रशासनिक अधिकारी पूरे समय उपस्थित रहे। एसडीएम गुलाबचंद्र, सीओ सदर अमर बहादुर आदि थे।