रामलीला के आयोजन के बाद दसवें दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजय दशमी का पर्व बृहस्पतिवार को जिले में धूमधाम से मनाया गया। लीला मंचन के दौरान घंटों युद्ध के बाद जब रावण नहीं मारा जा सका तो विभीषण की युुक्ति पर श्रीराम ने रावण के नाभि में तीर मारा। बाण लगते ही रावण धराशाई हो गया। रावण के मारे जाते ही राम की सेना में हर्ष व्याप्त हो जाता है। मेला क्षेत्र श्रीराम के जयकारे से गूंजायमान हो उठता है। रावण के मारे जाने के बाद पुरुष, महिला और बच्चों ने मेले का भ्रमण कर आनंद उठाया।