भामाशाह पार्क (विक्टोरिया पार्क) में 10 अप्रैल 2006 को कंजूम्यर मेला गुलजार था। दिन में मेले में प्रदर्शनी के दौरान सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन, जैसे ही शाम के समय लोग अपने घरों को निकलने वाले थे, तभी शाम के समय 5:40 मिनट पर पंडाल में आग लग गई। इस वीभत्स अग्निकांड में 65 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। वहीं, इस हादसे में 81 लोग गंभीर रूप से तो 85 लोग सामान्य रूप से झुलसे थे। उस खौफनाक अग्निकांड को 18 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इन पीड़ित परिवारों की आंखों के सामने आज भी वह खौफनाक मंजर तैरता है। किसी ने पत्नी को खोया तो किसी के सिर से माता-पिता का साया उठ गया। अपनों को याद कर हर कोई भावुक हो जाता है। उम्मीद है कि इंसाफ जरूर मिलेगा। शरीर के जख्म तो भर गए पर अपने से बिछड़ने का गम आज भी ताजा है। हादसे में कई जान बचाने वाले जावेद के पिता का कहना है कि सरकार ने मदद के लिए आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली।