सिसौली थाना क्षेत्र के हसनपुर कला गांव निवासी सुनील कुमार पुत्र गोविंद बीती रात किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को मेरठ मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया। घटना की सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान जग्गी व अन्य परिजन रात में ही मेडिकल पहुंचे, लेकिन उनका आरोप है कि वहाँ न कोई डॉक्टर मिला और न ही किसी स्टाफ ने इलाज शुरू किया। परिजनों का कहना है कि इमरजेंसी स्टाफ कुर्सियों पर सोता रहा और बार-बार कहने पर भी किसी ने ध्यान नहीं दिया। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब एक कर्मचारी ने एक्स-रे के बिना ही सुनील का पैर काटने की बात कही और दस्तखत कराने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने इसका विरोध किया। इसके बाद घायल को 'लावारिस' बताकर भर्ती किया गया, लेकिन समय रहते इलाज न मिलने के कारण कुछ देर में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों को आरोप है कि उनसे सात लाख रुपये की मांग की गई। फिलहाल विभाग की ओर से चिकित्सक और कर्मचारी पर कार्रवाई की गई है।बताया गया कि चिकित्सक व कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है।