वृक्षों के बिना हमारा जीवन असंभव है। वृक्षों के अत्यधिक कटान से पृथ्वी पर उसके दुष्परिणाम भी सामने आ रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा लगातार पौधारोपण कर लोगों को वृक्ष के प्रति जागरूक किया जा रहा है। हमें भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और वृक्षों को संरक्षित करने में सहयोग करना चाहिए। यह बातें कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम और एकता वन की स्थापना के दौरान वन संरक्षण राज्य मंत्री के पी मलिक ने कही। वृक्षारोपण 2.0 के तहत गुरुवार को सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी की विश्वविद्यालय में एकता वन की स्थापना की गई और कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वन मंत्री केपी मलिक मौजूद रहे। उनके साथ पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदर पाल सिंह, वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री संजीव गोयल सिक्का, भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष शिवकुमार राणा आदि भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं को भी शामिल किया गया था। आरजी कॉलेज की छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसके अलावा वृक्षों को लेकर भी कई नाट्य कार्यक्रम विभिन्न स्कूलों के बच्चों द्वारा आयोजित किए गए। कृषि विश्वविद्यालय में मंत्री ने पौधारोपण दे किया और सभी से आह्वान किया कि पौधारोपण के साथ उसकी देखरेख भी जरूर करें कृषि विश्वविद्यालय में जो पौध रोपण किए जाते हैं उनकी देखरेख विश्वविद्यालय को आवश्यक रूप से करनी चाहिए।