मेरठ में सोमवार को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) द्वारा भूमि अधिग्रहण से प्रभावित ग्राम नंगला फिरोज मोहनपुर, शमशेर, चम्पतनगर मथुरापुर और भनेडा खुर्द के किसान बड़ी संख्या में मेरठ कमिश्नरी कार्यालय पहुंचे। यहां किसानों ने प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को लेकर आयुक्त को प्रार्थना पत्र सौंपा। बाजार भाव की अनदेखी का आरोप किसानों का कहना है कि उनकी अधिकांश भूमि हरनंदीप्रम योजना के अंतर्गत आती है, लेकिन भूमि का क्रय मूल्य तय करते समय बाजार भाव और सर्किल रेट में भारी अंतर को नजरअंदाज कर दिया गया। आरोप है कि न्यूनतम सर्किल रेट के आधार पर ही भूमि का मूल्य निर्धारण कर दिया गया, जबकि किसानों या उनके किसी प्रतिनिधि से कोई वार्ता तक नहीं की गई। उचित मुआवजे की मांग प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मांग की कि भूमि का मूल्य निर्धारण योजना के अंतर्गत अधिकतम बाजार भाव के अनुसार किया जाए, ताकि किसानों को न्याय मिल सके। उनका कहना है कि वर्तमान प्रक्रिया से किसानों का घोर उत्पीड़न और शोषण हो रहा है। उत्पीड़न रोकने की अपील किसानों ने आयुक्त से मांग की कि समय रहते इस मामले में हस्तक्षेप कर किसानों के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न को रोका जाए और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी व न्यायसंगत बनाया जाए।