जहां एक ओर कड़ाके की ठंड के साथ घना कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभागों के अधिकारी टूटी-फूटी सड़कों और बदहाल रास्तों को दुरुस्त करने में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं, जिसका सीधा खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि शहर के प्रमुख इलाकों-बेगमपुल, हापुड़ अड्डा, रुड़की रोड, गांधी बाग से कंकरखेड़ा जाने वाला मार्ग, लेखा नगर और सोफीपुर तक-सड़कों के बीचो-बीच गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इन गड्ढों के कारण रोजाना दोपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। सवाल यह है कि हादसों के बाद ही क्या विभाग जागेगा, या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?