नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से पहले, जहां जनप्रतिनिधि राजनीतिक व्यस्तताओं में उलझे नज़र आते हैं, वहीं सेरेब्रल पाल्सी जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित आयुष और पीयूष ने सच्ची देशभक्ति का उदाहरण पेश किया। मेरठ कॉलेज के निकट स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर पहुंचकर आयुष और पीयूष ने स्वयं प्रतिमा की साफ-सफाई की, इसके बाद माल्यार्पण कर नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों ने अपने इस छोटे लेकिन प्रेरणादायक प्रयास से यह संदेश दिया कि देशभक्ति शब्दों या मंचों तक सीमित नहीं, बल्कि कर्मों से दिखाई देती है। प्रतिमा स्थल पर मौजूद लोगों ने आयुष और पीयूष के इस कार्य की सराहना की और इसे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। दोनों युवाओं का कहना था कि नेताजी का जीवन त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है और हर नागरिक को उनके विचारों से प्रेरणा लेनी चाहिए। इस भावुक दृश्य ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि असली श्रद्धांजलि वही है, जो बिना किसी स्वार्थ और प्रचार के दी जाए।