मेरठ में शहर की सड़कों के गड्डे लोगों के लिए जानलेवा साबित हो तो दिखाई दे रहे हैं। ऐसा ही एक नजारा कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम वाली रोड पर रोहताश हलवाई के सामने देखने को मिला। जब स्कूली बच्चों से भरी बस अचानक पलटते-पलटते बची। गनीमत यह रही कि, बस पलटी नहीं। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। दरअसल, सेंट पैट्रिक्स स्कूल की बस कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम से होते हुए साकेत की तरफ जा रही थी। लेकिन इसी दौरान सड़क के एक किनारे बड़ा गड्ढा होने के चलते बस का पहिया गढ्डें में अटक गया और बस काफी हद तक झुक गई। इस दौरान बच्चे डर गए और चिल्लाने लगे। हालांकि, बस को एक तरफ झुकता हुआ देख स्थानीय लोगों ने तुरंत स्कूली बच्चों को बस से बाहर निकला।तब जाकर बच्चों की सांस में सांस आई। मेरठ में बैंगलरु जैसे शहरों की तर्ज पर बनने वाली सड़कों के ख्वाब दिखाने वाले अधिकारी सड़कों की बदहाली पर चुप्पी साधे हुए हैं। मेरठ में 80 करोड़ से बनी सड़कों में हर तरफ गड्ढे ही गड्ढे हैं। इन गड्ढों को भरने के लिए नगर निगम ने करोड़ों रुपए खर्च कर डाले। लेकिन, मेरठ महानगर में करोड़ों रुपए की लागत से बनी सड़क छह महीने में क्षतिग्रस्त हो गईं। टूटी सड़क और अनगिनत गड्ढों का पेचवर्क करने के लिए नगर निगम ने फिर तीन करोड़ का बजट तैयार कर लिया है। सवाल उठता है कि आखिर सड़क कुछ समय की बरसात नहीं झेल पाई तो जिन सड़कों को दोबारा पैसा खर्च करके दुरुस्त कराया जा रहा है क्या वह ज्यादा दिनों तक ठीक रह पाएंगी।