मेरठ। लावड़ में सरकार के गड्ढा मुक्त सड़क के दावे हवा हवाई होते नजर आ रहे है। शहर से लेकर देहात तक की सड़कों को गड्ढा मुक्त होने का वादा किया गया था। दौराला-मसूरी मार्ग पर पिछले दो साल में कई परिवारों के घर के चिराग बुझ गए, जबकि, हादसे में कई लोग घायल हो गए, जिनके उपचार में परिवार के जमापूंजी लग गई। वहीं, हादसे में वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है। साल 2020 में दौराला-मसूरी मार्ग का पीडब्लूडी ने निर्माण कराया था। उस दौरान दावा किया गया था कि ओवरलोड वाहन गुजरने के बाद भी यह मार्ग जल्दी से नहीं टूटेगा। लेकिन, विभाग का दावा कुछ साल में ही गलत साबित होता दिखाई दिया और टोल बचाकर इस मार्ग से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों के चलते मार्ग क्षतिग्रस्त होने लगा। आलम, यह है कि दौराला से मसूरी मार्ग तक 13 किमी के सफर में इस मार्ग पर लगभग 300 से 400 गहरे गड्ढे है। गड्ढों के चलते पिछले वर्ष पत्रकार मुकेश शर्मा की मौत हो गई थी, जिसके बाद विभाग की नींद टूटी और गड्ढों को भरवा दिया गया, लेकिन कुछ माह बाद ही मार्ग पर फिर से गहरे गहरे गड्ढे हो गए और विभाग भी सो गया। एक के बाद एक मार्ग पर हादसे होते गए, लेकिन विभाग के अधिकारियों की नींद नहीं टूटी और परिवार के चिराग बुझते रहे। मंगलवार को भी मितापुर निवासी बबलू की भी गड्ढे से बचने के फेर में ट्रैक्टर ट्रॉली से टकरा कर मौत हो गई।