फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: बेटी को बचाने के लिए खूब लड़ी मां, लेकिन फिर भी नहीं रुके दबंग | Meerut Case | Latest News

सरधना थाना क्षेत्र के गांव कपसाड़ में गुरुवार सुबह करीब आठ बजे वो हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। आरोप है कि पारस सोम और उसके साथियों ने अनुसूचित जाति की युवती रूबी का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया। जब रूबी की मां, 45 वर्षीय सुनीता ने इसका विरोध किया, तो दबंगों ने बेरहमी से उसकी हत्या कर दी।
घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गईं, लेकिन मुख्य आरोपी पारस सोम और उसके साथी घरों से फरार मिले। ताले लगे हैं… और युवती अब भी आरोपियों के कब्जे में बताई जा रही है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि रूबी और आरोपी पारस सोम एक-दूसरे को पहले से जानते थे। दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं और इसी वजह से दोनों परिवारों के बीच पहले भी विवाद हो चुका था। पंचायत तक हुई थी… सामाजिक तौर पर समझौता कराया गया था कि दोनों एक-दूसरे से दूर रहेंगे। लेकिन आरोप है कि पारस सोम ने यह फैसला नहीं माना और लगातार सुनीता के परिवार को परेशान करता रहा।
SSP डॉ. विपिन ताड़ा के मुताबिक, रूबी इंटर तक पढ़ी है और आरोपी पारस गांव में एक डॉक्टर के यहां कंपाउंडर का काम करता है। पुलिस का कहना है कि युवती का बयान इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी होगा—उसी से साफ होगा कि हत्या और अपहरण की साजिश में किसकी कितनी भूमिका है।
उधर, जब एसडीएस अस्पताल में इलाज के दौरान सुनीता की मौत की खबर फैली, तो माहौल पूरी तरह बदल गया। अस्पताल में चीख-पुकार मच गई। मां को खो चुका बेटा मनदीप फूट-फूटकर रो पड़ा—कहता रहा, “मां मर गई… बहन को उठा ले गए… अब हमें भी मार देंगे।” रोते-बिलखते बेटे मनदीप ने अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर अपना दर्द बयां किया। उसने कहा, मेरी मां इस दुनिया से चली गई, मेरी बहन को वे जबरन उठा ले गए। अब हमें भी अपनी जान का डर है। वे लोग हमें भी मार देंगे। मेरी बहन को वापस दिला दो साहब, उन दरिंदों के घर पर बुलडोजर चलना चाहिए, उन्हें एनकाउंटर की सजा मिलनी चाहिए। इन बातों को सुनकर वहां मौजूद परिवार की अन्य महिलाएं भी दहाड़ें मारकर रोने लगीं।
जब पति सतेंद्र और बेटा मनदीप अपनी सुरक्षा की गुहार लगाते हुए अधिकारियों के सामने बेसुध होने लगे तो एसपी देहात अभिजीत सिंह और एसडीएम सरधना उदित कुमार सेंगर ने उन्हें संभाला। एसपी ने बेहद भावुक होते हुए परिवार को ढांढस बंधाया और कहा, सुरक्षा का जिम्मा मेरा है, हम आपको पूरी सुरक्षा देंगे। आप खुद को अकेला मत समझिए, परिवार की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी पुलिस की है।"  परिवार ने सुरक्षा की गुहार लगाई, बुलडोजर कार्रवाई और एनकाउंटर जैसी सख्त मांगें उठीं। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि अस्पताल को पुलिस छावनी में तब्दील करना पड़ा। पति सतेंद्र और बेटा मनदीप का दर्द देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। एसपी देहात अभिजीत सिंह ने परिवार को भरोसा दिलाया कि सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी पुलिस की है और दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी, जो मिसाल बनेगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है— कहां है रूबी? कब होंगे आरोपी सलाखों के पीछे? और क्या इस मां की कुर्बानी इंसाफ तक पहुंचेगी? पुलिस की तलाश जारी है… और पूरा गांव न्याय की राह देख रहा है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें