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Meerut Saurabh Case: मुस्कान बनी मां, बेटी का नाम रखा 'राधा' ससुराल वालों ने जताया हक?

मेरठ का बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। पति सौरभ राजपूत की हत्या कर शव को नीले ड्रम में छिपाने की आरोपी मुस्कान ने सोमवार को मेरठ मेडिकल कॉलेज में एक बच्ची को जन्म दिया। उसकी सामान्य डिलीवरी कराई गई और डॉक्टरों ने मां-बेटी दोनों को स्वस्थ बताया है। नवजात फिलहाल मुस्कान के साथ जेल में ही रहेगी। बताया जा रहा है कि बच्ची का नाम ‘राधा’ रखा गया है।

चौंकाने वाली बात यह रही कि न तो मुस्कान के मायके और न ही ससुराल पक्ष से कोई भी उसे देखने अस्पताल पहुंचा। यहां तक कि उसके माता-पिता और भाई भी उससे दूरी बनाए हुए हैं। सौरभ के परिवार की ओर से भी कोई हाल-चाल लेने नहीं आया।

गर्भावस्था की जानकारी गिरफ्तारी के बाद सामने आई

सौरभ हत्याकांड में मुस्कान को 19 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। जेल में तबीयत बिगड़ने पर कराए गए अल्ट्रासाउंड में उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। इसके बाद जेल प्रशासन ने उसकी विशेष निगरानी और गर्भवती महिला जैसी डाइट सुनिश्चित की।

सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा बढ़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज के जच्चा-बच्चा वार्ड में भर्ती कराया गया। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. शकुन की देखरेख में शाम को उसका सामान्य प्रसव हुआ। इस दौरान सुरक्षा को देखते हुए जेल कर्मी तैनात रहे और मीडिया सहित किसी को भी उससे मिलने नहीं दिया गया।

ससुराल पक्ष की नई मांग — DNA जांच

मुस्कान के बेटी को जन्म देने के तुरंत बाद सौरभ के भाई बॉबी ने बच्ची की डीएनए जांच की मांग की है। उनका दावा है कि यदि बच्ची सौरभ की संतान साबित होती है, तो परिवार उसे अपनाने को तैयार है, अन्यथा उसकी जिम्मेदारी मुस्कान की ही होगी।

क्या है पूरा मामला?

सौरभ राजपूत लंदन के एक मॉल में नौकरी कर रहा था और 24 फरवरी 2025 को मेरठ लौटा था।

3 मार्च की रात मुस्कान ने अपने कथित प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सौरभ की हत्या कर दी।

हत्या के बाद सौरभ के शव के टुकड़े कर उन्हें प्लास्टिक के नीले ड्रम में सीमेंट डालकर बंद कर दिया गया।

यह सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद पूरे देश में हंगामा मच गया था।

बच्ची का भविष्य

वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के अनुसार, नियमों के तहत बच्ची पांच से छह वर्ष तक मां के साथ जेल में रह सकती है। इसके बाद परिजनों या नारी निकेतन को सौंपने की प्रक्रिया तय होगी। यदि सौरभ का परिवार बच्ची पर दावा करता है, तो डीएनए परीक्षण अनिवार्य होगा।

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