थाना सरधना क्षेत्र के गांव सलावा में मंगलवार रात दो समुदाय के युवकों में कहासुनी के बाद शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते साम्प्रदायिक संघर्ष में बदल गया। झड़प में राजपूत समाज के नौ लोग घायल हो गए, जिनमें आठ की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को पहले सरधना सीएचसी और बाद में मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बुधवार सुबह डीएम डॉ. वीके सिंह और एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
मंगलवार देर रात गांव के तालाब के पास मछली पकड़ने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ी कि देखते ही देखते लाठी-डंडे और धारदार हथियार चलने लगे। हिंसक झड़प में नौ लोग घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। घायल पक्ष का कहना है कि मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने तालाब की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर मदरसा निर्माण कर लिया है। जब गांव वालों ने विरोध किया तो हमला कर दिया। ग्रामीणों ने अवैध निर्माण हटाने और मदरसे की जांच की मांग उठाई है।
वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि झगड़ा राजपूत युवकों द्वारा की गई कहासुनी के बाद शुरू हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि रात में राजपूत समाज के लोग उनके घरों में घुस आए, मारपीट की, पथराव किया और महिलाओं से बदसलूकी की। एक पीड़िता उस्मानी पुत्री अबरार ने पुलिस को तहरीर देकर सुरक्षा की मांग की है। पुलिस ने बुधवार को मुस्लिम पक्ष के आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गांव में तलाशी अभियान भी चलाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सिर्फ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, लेकिन मुस्लिम समुदाय का कहना है कि निर्दोष लोगों को भी परेशान किया जा रहा है।
घटना के बाद बुधवार को प्रशासन ने राजस्व विभाग की टीम को गांव भेजा। टीम ने तालाब की भूमि पर हुए निर्माणों का सिजरा और पैमाइश से अवलोकन किया। अधिकारियों ने कहा कि अवैध कब्जों पर जल्द रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।