रावण का पुतला भले ही बुराई के प्रतीक के रूप में दशहरा पर जलाया जाता है, लेकिन कान्हा की नगरी मथुरा में लंकेश के भी भक्त हैं। सारस्वत ब्राह्मण समाज के ये भक्त दशहरा पर लंकेश की पूजा करने के साथ ही रावण के पुतले का दहन करने का विरोध करते हैं। सदर क्षेत्र में यमुना किनारे बने शिव मंदिर में भगवान शिव के साथ-साथ रावण की भी पूजा की जाती है।