सरकारी कंपनियों को उत्पादों और सेवाओं की आपूर्ति कर एससी-एसटी उद्यमी अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय एससी-एसटी हब की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में सरकारी खरीद नीति, विक्रेता पंजीकरण और वित्तीय सहायता की जानकारी देकर उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। बाईपास रोड स्थित एक होटल में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के राष्ट्रीय एससी-एसटी हब ने कोशिश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट फाउंडेशन के सहयोग से उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम आयोजित किया। हब के शाखा प्रबंधक एके श्रीवास्तव ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के महिला-पुरुषों को उद्यम पंजीकरण, स्वरोजगार और सरकारी संस्थानों के साथ व्यवसाय करने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की सार्वजनिक खरीद नीति के तहत केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों के कुल वार्षिक खरीद लक्ष्य में एससी-एसटी स्वामित्व वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से चार प्रतिशत खरीद का प्रावधान है। वहीं, महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला स्वामित्व वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए तीन प्रतिशत खरीद का लक्ष्य निर्धारित है।