बरसाना की लठामार होली में आनंद का समां ऐसा बंधा कि होली देखने को चन्द्र देव व सूर्य देव भी उतावले दिखे। जहां चन्द्र देव आने को बेताब तो वहीं सूर्य देव भी कहां पीछे हटने वाले थे, उन्होंने भी अस्त होने की गति ही रोक दी, हुरियारों हुरियारिनों की लठामार अनोखी होली के साक्षी बने। यूं तो बरसाना में दिन भर होली के रंग बरसे पर शाम पांच बजते ही लठमार होली शुरू हो गयी। नंदगांव के हरियारे बरसाना पहुंचे तो हुरयारिनें लठ लिए तैयार मिलीं। ताबड़तोड़ लाठी की बौछार शुरू हो गई, जमकर लठ बजाए गए।