मथुरा में चतुर्वेदी समाज का पारंपरिक और बहुप्रतीक्षित होली डोला मंगलवार को पूरे उत्साह, उमंग और भव्यता के साथ निकला। दोपहर 2 बजे द्वारिकाधीश मंदिर के नीचे से डोले का शुभारंभ हुआ। यहां श्रद्धालुओं और समाज के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के संरक्षक एवं परिषद के मुख्य संरक्षक महेश पाठक ने विधिवत रूप से डोले का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आयोजन अब अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुका है और परिषद के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने इसे भव्य स्वरूप देने में अथक परिश्रम किया है। उन्होंने देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को होली की शुभकामनाएं देते हुए प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ पर्व मनाने का संदेश दिया। श्री माथुर चतुर्वेदी परिषद के महामंत्री राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि इस वर्ष डोले में लगभग 20 से 22 आकर्षक झांकियां शामिल थीं। छह डीजे और आठ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सजी राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों ने मेले की शोभा बढ़ाई। विभिन्न बैंड-बाजों की मधुर धुनों से पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्सवमय बना रहा। मुख्य डोले पर पनकी पीठाधीश्वर जितेंद्र दास जी महाराज एवं श्रीजी पीठाधीश्वर मनीष बाबा की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा और बढ़ा दी। सुरक्षा और व्यवस्था की दृष्टि से मेले क्षेत्र को चार सेक्टरों में विभाजित किया गया था। प्रत्येक सेक्टर में नियुक्त पदाधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। होली डोले के समापन तक श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा और पूरा शहर रंग, भक्ति और परंपरा के रंग में सराबोर नजर आया। इस दौरान परिषद के संरक्षक नवीन नागर, गिरधारी पाठक, उमाकांत चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष शिवकुमार चतुर्वेदी, कोषाध्यक्ष कमल चतुर्वेदी, मंत्री नीरज चतुर्वेदी सहित आदि माैजूद रहे।