मथुरा के नरहौली में भड़के जातीय तनाव के पीछे की मुख्य वजह सामने आ गई है। बरात में चार बग्घियां शामिल थीं, जिनमें से दो पर दूल्हे और दो पर बाबा साहब की प्रतिमाएं सजी हुई थीं। बरात में जाति विशेष का गाना बज रहा था और डीजे की धुन पर ट्रैक्टर के ऊपर दो लड़कियां डांस कर रही थीं। गाना बजने के बाद भीड़ ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बुधवार रात 10:30 बजे भरतपुर पुल के निकट से बरात चढ़ाई जा रही थी। दो डीजे की धुन पर ट्रैक्टर के ऊपर लड़कियां डांस कर रही थी। दोनों दूल्हों की बग्घियां आगे-पीछे चल रहीं थीं। करीब 100 मीटर तक बरात चलने के बाद डीजे पर जातीय विशेष का गाना बजने लगा और डीजे की धुन पर डांसर ठुमके लगाने लगीं। ठाकुर समाज के लोगों का आरोप है कि रास्ते में महाराणा प्रताप चौक नरहौली नाम से लगे बोर्ड पर बराती टॉयलेट करने और थूकने लगे। ठाकुर समाज के लोगों ने इसका विरोध किया तो स्थिति तनावपूर्ण बन गई। फिर सड़क पर स्थित रवि मिष्ठान्न भंडार में आरोपी तोड़फोड़ करने लगे। दुकान स्वामी रवि ने इसका विरोध किया तो पथराव के साथ लाठी-डंडों से हमला कर दिया। स्थानीय निवासी राधा का आरोप है कि बरातियों ने उनके घर में घुसकर तोड़फोड़ की और उनकी सास शांति पर पत्थर से वार किया, जिससे वह घायल हो गईं। देखते ही देखते विवाद बवाल में बदल गया। पुलिस ने उपद्रवियों को लाठी फटकार कर भगाया। पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। राधा का आरोप है कि उनके घर में रखे 72 हजार रुपये चोरी हो गए हैं। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रत्यक्षदर्शी राधा ने बताया कि उनका मकान सड़क से 50 मीटर अंदर गली में स्थित है। बराती उपद्रव करते हुए उनके घर तक पहुंच गए और उनके साथ मारपीट की और सास को अधमरा कर दिया। विरोध करने के बाद वहां से भाग खड़े हुए।