रंगभरनी एकादशी पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भीड़ पंचकोसी परिक्रमा के लिए उमड़ पड़ी। एक पल के लिए लोगों को महाकुंभ जैसा नजारा दिखाई देना लगा। रविवार देर रात से ही भक्तों की टोलियां जयकारों के साथ परिक्रमा मार्ग पर जुटने लगीं। राधे-राधे के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। जगह-जगह श्रद्धालु ऑडियो सिस्टम पर बज रहे रसिया की धुन पर नाचते-गाते और गुलाल उड़ाते हुए दिखाई दिए।