पुरुषोत्तम मास में बरसाना धाम में उमड़ रही आस्था अब व्यवस्थाओं पर भारी पड़ने लगी है। शनिवार को श्रीजी मंदिर में दर्शन के दौरान हालात उस समय बिगड़ गए जब निकास द्वार पर श्रद्धालुओं का दबाव अचानक कई गुना बढ़ गया। भीड़ इतनी अधिक हो गई कि निकास मार्ग पर श्रद्धालु एक-दूसरे से सट गए और आगे बढ़ने की होड़ मच गई। हालात बिगड़ते देख सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाला। काफी देर तक पुलिस और सुरक्षाकर्मी श्रद्धालुओं को धीरे-धीरे बाहर निकालने में जुटे रहे। भीड़ के बीच महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान नजर आए। मंदिर परिसर में कई बार श्रद्धालुओं को रोककर निकासी कराई गई, तब जाकर व्यवस्था कुछ संभल सकी।वहीं परिक्रमा मार्ग पर भी आस्था का ऐसा दृश्य दिखाई दिया जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। कोई दंडोती परिक्रमा करते हुए राधारानी के दरबार की ओर बढ़ रहा था तो कोई घुटनों के बल परिक्रमा पूरी करता नजर आया। तपती सड़क और उमस के बीच भी भक्तों की आस्था जरा भी कमजोर नहीं पड़ी।परिक्रमा मार्ग पर लगातार मानव श्रृंखला बनती रही। श्रद्धालु एक के पीछे एक दंडोती करते हुए आगे बढ़ते रहे और पूरा मार्ग राधे-राधे के जयकारों से गूंजता रहा। आस्था का यह मंजर ऐसा था कि व्यवस्थाएं पीछे छूट गईं और श्रद्धालुओं का समर्पण सबसे आगे दिखाई दिया।