सोने के भाव में नरमी आते ही सराफा बाजार की रौनक बढ़ने लगी है। त्योहारी सीजन और करवाचौथ के चलते आभूषणों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। महिलाएं पारंपरिक गहनों के साथ एंटीक, इटालियन और दक्षिण भारतीय डिजाइनों को पसंद कर रही हैं। बजट में खरीदारी के लिए हल्के वजन के आभूषणों की मांग भी बढ़ रही है। सोने की कीमतों में गिरावट और 18 कैरेट के गहनों ने ग्राहकों को काफी राहत मिली है। जो लोग भाव बढ़ने के कारण खरीदारी टाल रहे थे, वे अब गहने देखने और पसंद करने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं। हल्के हार, चेन, अंगूठी, कानों के टॉप्स और छोटे आकार के आकर्षक आभूषण ग्राहकों को लुभा रहे हैं। कम वजन में बेहतर डिजाइन मिलने से ऐसे गहनों की ओर रुझान बढ़ा है। डिजाइन के साथ सोने की शुद्धता पर भी ग्राहक ध्यान दे रहे हैं। आभूषणों में 22 कैरेट सोना आमतौर पर इस्तेमाल होता है, जिसमें 91.6 प्रतिशत सोना होता है। वहीं 18 कैरेट सोने में 75 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है। हीरे और रत्न जड़े आभूषणों में 18 कैरेट सोने का इस्तेमाल भी लोकप्रिय है। ग्राहक बजट, डिजाइन और शुद्धता के हिसाब से गहने पसंद कर रहे हैं। कारोबारियों को उम्मीद है कि करवाचौथ के साथ एक नवंबर को पड़ने वाले रवि पुष्य योग पर भी खरीदारी बढ़ सकती है। इस दिन सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ मानने की परंपरा है। ऐसे में सराफा कारोबारियों की नजर आगामी दिनों में बाजार की बिक्री पर टिकी है।