कोतवाली कुलपहाड़ के कस्बा बेलाताल स्थित फूलबाग हनुमान मंदिर के पुजारी की चार दिन पहले हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। 80 वर्षीय वृद्ध ने दुश्मन को फंसाने के लिए पुजारी की डंडे से हमलाकर हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त डंडा और अन्य सामग्री बरामद की है। जनपद हमीरपुर निवासी 65 वर्षीय उदित नारायण मिश्रा कस्बा बेलाताल स्थित हनुमान मंदिर में रहकर 15 साल से पूजा-अर्चना कर रहे थे। 18 जुलाई की रात उनकी हत्या कर दी गई थी। 19 जुलाई को पुजारी का शव मंदिर परिसर में खून से लथपथ मिला था। पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने घटना के खुलासे के लिए थाना पुलिस, सर्विलांस, एसओजी समेत पांच टीमों का गठन किया था। जांच के दाैरान पुलिस को शव के पास से एक डायरी मिली थी। डायरी में आरोपी ने अपने दुश्मन को फंसाने के लिए उसका नाम लिख दिया था। इसी डायरी से पुलिस आरोपी तक पहुंची। बुधवार को कोतवाली प्रभारी कुलपहाड़ अवधेश कुमार मिश्रा व स्वाट टीम प्रभारी शिवप्रताप सिंह ने आरोपी कल्लू जोगी निवासी बेलाताल को टपरियन स्थित खेत पर बने कमरे से गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त खून लगा डंडा, कुर्ता-पायजामा, डायरी तैयार करने में प्रयुक्त सुई-धागा और दो कॉपियां बरामद की। आरोपी ने बताया कि बेलाताल निवासी मुंशी व उसके परिवार से वर्षों पुरानी भूमि विवाद से जुड़ी रंजिश थी। उन्हें हत्या में फंसाने के उद्देश्य से उसने एक छोटी डायरी तैयार कर उसमें उनके संबंध में बातें लिखीं। ताकि हत्या का शक मुंशी पर हो। बाद में योजना के तहत मंदिर में अकेले मौजूद पुजारी की डंडे से हत्या कर डायरी को शव के नीचे रखकर भाग गया था। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा हे। अंधे हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को पुलिस अधीक्षक ने 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।