ईंधन की कमी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। एक तरफ जहां स्थानीय प्रशासन जिले में डीजल-पेट्रोल की पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इसके उलट है। डीजल के लिए किसानों को पेट्रोल पंपों पर रात बितानी पड़ रही है। चिलचिलाती धूप में लोग घंटों लाइन में खड़े रह रहे हैं। डीजल-पेट्रोल खत्म होने के बाद ही पंपों से भीड़ हट रही है। यहां तक कि एंबुलेंसों को भी लाइन में लगना पड़ रहा है।