शास्त्री नगर में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के आठवें दिन कथा वाचक पंडित उपेन्द्र तिवारी ने भगवान कृष्ण के द्वारा कंस के उद्धार किए जाने की कथा का रसपान कराया। बताया कि मथुरा में बलराम तथा कृष्ण ने पहले कंस के पागल हाथियों तथा क्रूर सेनापतियों का अंत किया। मुष्टिक के प्रहार से कंस का वध कर दिया। अपनी माता देवकी तथा पिता को कारागार से मुक्त कराया व अपने नाना उग्रसेन को मथुरा का राजसिंहासन सौंप दिया। ब्रज में माता यशोदा व नंदबाबा के कृष्ण के वियोग, यमुना जी, गोपियों के प्रेम वियोग के प्रसंग का वर्णन किया। उद्धव जी द्वारा भगवान कृष्ण के प्रतिनिधि के रूप में ब्रज आकर गोपियों को समझाने का प्रयास करते है।