अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में एसपी ने कहा कि अगर कोई फोन या मैसेज करके, स्कूल-कोचिंग आने-जाने के दौरान रास्ते में परेशान कर रहा है, तो हेल्पलाइन की मदद लें। बिना पहचान वाले नंबर से आने वाली किसी भी वीडियो कॉल को रिसी न करें। उन्होंने यह भी कि अब आप सभी आगे की पढ़ाई के लिए मोबाइल की भी जरूरत रहती है। लेकिन मोबाइल चलाते समय सचेत और सावधान रहें। यह भी कहा कि वर्तमान में प्रतिदिन करीब 40 हजार करोड़ रुपये का फ्रॉड साइबर अपराधियों के द्वारा किया जा रहा है। साइबर अपराध का शिकार होने पर गोल्डन आॅवर में साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 या पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए। उनका फ्रॉड किया हुआ रुपया होल्ड हो जाएगा। वहीं एसपी ने डीप फेक फोटो और वीडियो के बारे में विस्तृत तरीके से जानकारी दी। साथ में साइबर अपराधियों के द्वारा किन-किन तरीकों से फ्रॉड कर सकते हैं, इसके बारे में जानकारी दी। सोशल मीडिया अकाउंट पर किसी तरह की घटना हो जाती है तो सबसे पहले अपने परिजनो को इसकी जानकारी दें। पुलिस से शिकात करें, शिकायत करने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाती है। मोबाइल और ई-मेल पर आने वाले अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। ई-मेल आईडी और साेशल मीडिया अकाउंट के पासबर्ड मजबूत रखे। साइबर क्राइम थाना में तैनात उपनिरीक्षक राहुल सिंह ने साइबर अपराध का शिकार होने से बचने के अन्य तरीके बताए। बाल विवाह के प्रति जागरूक किया। वहीं छात्र-छात्राओं ने एसपी से साइबर अपराध सहित अन्य बिंदुओं को लेकर सवाल पूछे। जिनके जबाव एसपी ने दिए।