लखीमपुर खीरी के निघासन में वकीलों ने एसडीएम की कार्यशैली के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है। करीब डेढ़ माह से वकील हड़ताल पर हैं। वकील डीएम से मुलाकात कर एसडीएम की कार्यशैली से अवगत करा चुके हैं, जिस पर डीएम ने एसडीएम को फोन कर वकीलों से वार्ता कर समाधान करने के लिए कहा था। एसडीएम के बुलावे पर शुक्रवार को संघ के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष रामनिवास जायसवाल, मंत्री उमाकांत जायसवाल सहित वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रह्म प्रकाश श्रीवास्तव, सुबोध कुमार, मेजर सिंह, रमेश शर्मा, चन्द्रकेश, विवेक श्रीवास्तव, रामकृष्ण चतुर्वेदी सहित प्रतिनिधि मंडल एसडीएम अश्वनी सिंह के बुलावे पत्र पर वार्ता करने के लिए उनके चैम्बर में गए थे। वकीलों ने एसडीएम से कोर्ट की समस्याओं पर वार्ता शुरू की, हर बिंदु पर एक ही जवाब दिया। इस बिंदु पर पहले वार्ता हो चुकी इसलिए इस पर कोई वार्ता नहीं होगी। खतौनी में गलती सुधार के मुकदमों में वकीलों ने कहा कि बिना पक्षों को नोटिस जारी किए, वाद निरस्त कर दिए गए हैं। बिना पक्षों को सूचित किए लोक अदालत में 34 फाइलें निरस्त कर दीं, जिनके खिलाफ पीड़ित पक्ष आगे मुकदमा नहीं किया जा सकता है, जब वार्ता शुरू की, तब एसडीएम ने किसी भी प्रकार की समाधान की पहल नहीं की। वकीलों की एसडीएम से किसी बिंदु पर सहमति नहीं बनी और वार्ता विफल हो गई। उसके बाद वकीलों ने मीटिंग कर निर्णय लिया और मंगलवार से धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।