उत्तरकाशी में सुरंग के अंदर 17 दिन तक फंसे रहने के बाद लखीमपुर खीरी के भैरमपुर गांव निवासी मंजीत शुक्रवार शाम छह बजे अपने घर पहुंचा। देर रात तक उसके घर लोगों का आना-जाना लगा रहा। मंजीत के घर पहुंचने की अगली सुबह भी घर पर चहल पहल रही। लोग मिलने आते रहे। मंजीत से 17 दिन सुरंग में फंसे रहने की कहानी जानी। उसकी मां चौधराइन ने बताया कि सबसे पहली प्राथमिकता तो अब मनौतियां पूरी करने की है। सीडीओ अनिल सिंह ने बताया कि शासन से निर्देश मिला है कि मंजीत के परिवार को एक एकड़ जमीन दी जाएगी। नया जीवन मिला है... पर रोजी-रोटी कमानी पड़ेगी मंजीत ने बताया कि हमको नया जीवन मिला है। हम अभी यह तय नहीं कर सकते कि हम क्या काम करेंगे। गरीब आदमी हैं, जो काम मिलेगा, हम करेंगे। हमारी दो बहने हैं, मां पिता और भाभी हैं। हम कमाएंगे नहीं तो क्या करेंगे। हालांकि, मंजीत ने यह खुलासा नहीं किया कि मदद के तौर पर मिलने वाले तीन लाख रुपयों से वह कौन से काम की शुरुआत करेंगे।