लखीमपुर खीरी जिले के किसान, युवा और व्यापारियों ने आम बजट को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी। धौरहरा, निघासन के किसान कहते हैं कि बजट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात हुई। जिले में रवी सीजन में करीब 82 हजार हेक्टेयर भूमि पर सरसों की खेती की जाती है। खरीफ सीजन में भी 18 हजार हेक्टेयर भूमि पर तिलहन बोई जाती है। बजट का किसानों को किस तरह से लाभ मिलेगा, इसका लाभ भविष्य में ही नजर आएगा। सुजई कुंडा के प्रगतिशील किसान शशांक शुक्ला ने कहा कि किसानों के लिए बड़ी घोषणा हुई हैं। लेकिन जो प्रावधान किए गए हैं, उस पर अमल होना चाहिए। शशांक शुक्ला ने कहा कि किसानों की सबसे बड़ी समस्या छुट्टा पशु हैं। इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। धौरहरा के किसान राजीव जायसवाल ने कहा कि बजट किसानों के हित में है। डिजिटल फसल सर्वे के साथ सोलर एनर्जी और कृषि यंत्रों पर छूट का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों को राहत मिलेगी। होलागढ़ के किसान नरेंद्र वर्मा ने कहा कि किसानों को ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया गया है। अपूर्वा मौर्य ने कहा कि महंगाई बढ़ती ही जा रही है। रसोई गैस समेत खाने-पीने की चीजें महंगी हुई हैं। इस पर नियंत्रण होना चाहिए।