कासगंज के पटियाली थाना सिकंदरपुर वैश्य के ग्राम लधोली में मां-बेटे की मौत के बाद रविवार को ग्रामीण महिलाओं का गुस्सा शराब के ठेके पर फूट पड़ा। करीब सौ से अधिक महिलाओं ने गांव में बने देशी शराब के ठेके पर हमला बोल दिया। महिलाओं ने ठेके के अंदर रखी शराब की बोतलें सड़क पर निकालकर फेंक दीं। सूचना पर पुलिस-प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंचे। महिलाओं को शांत कराया। शुक्रवार शाम ग्राम लधोली निवासी 35 वर्षीय पिंकी ने गृह कलह के चलते नाै वर्षीय बेटे रियांश के साथ जहर खा लिया था। दोनों की मौत हो गई थी। ग्रामीणों के अनुसार पिंकी का पति सुनील शराब का आदी था। अक्सर उसके साथ मारपीट करता था। एक माह पहले ही परिवार ने 15 साल के बड़े बेटे नितिन को बीमारी में खोया था। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब पिंकी और रियांश के शव गांव पहुंचे तो हर किसी की आंखें नम हो गई। आरोप है कि इसी दौरान सुनील गांव के शराब ठेके पर जाकर बैठ गया और शराब पीने लगा। यह देखकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। रविवार सुबह करीब 11 बजे गांव की सैकड़ों महिलाएं एकजुट होकर शराब के ठेके पर पहुंच गईं। महिलाओं ने ठेके में घुसकर तोड़फोड़ की और शराब की पेटियां बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दीं। महिलाओं का कहना था कि जब से गांव में ठेका खुला है, धीरे-धीरे पूरा गांव शराब का आदी होता जा रहा है। शराब के कारण घरों में मारपीट और अत्याचार बढ़ गए हैं। घटना की सूचना पर तहसीलदार राम नयन सिंह, नायब तहसीलदार मुकेश कुमार, पटियाली कोतवाली प्रभारी अजयवीर सिंह, सिकंदपुर वैश्य थानाध्यक्ष चंचल सिरोही भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। अफसरों ने महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत कराया। महिलाओं ने उच्चाधिकारियों से गांव में बने शराब के ठेके को हटाने की मांग की है। थानाध्यक्ष चंचल सिरोही ने बताया कि महिलाओं की शिकायत पर मामले की जांच की जा रही है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।