कानपुर की पावन धरती पर मात्र सोलह वर्ष की अल्पायु में सनातन धर्म की अलख जगाने वाली राष्ट्रीय कथावाचिका और मोटिवेशनल स्पीकर देवी राधिके ने अपने जीवन को धर्म प्रचार और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने भगवान की भक्ति को ही जीवन का आधार बनाया और गरीबों असहायों तथा लाचार लोगों की सेवा को अपना संकल्प बना लिया। देवी राधिके ने किशोरी कृपा फाउंडेशन की स्थापना कर गरीबों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य सेवा, वस्त्र वितरण, प्रतिदिन भंडारा, किशोरी गुरुकुलम और गौशाला जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्य प्रारंभ किए। उनके निर्देशन में संचालित इन सेवाओं से प्रतिदिन सैकड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। नरवल तहसील से तीन किलोमीटर की दूरी पर रायपुर मार्ग स्थित श्री साईं धाम में रोजाना आने वाले श्रद्धालुओं को निस्वार्थ भाव से सेवा प्रदान की जाती है। देवी राधिके का कहना है कि उनका एकमात्र उद्देश्य लोगों की निशुल्क और निस्वार्थ सेवा करना तथा सनातन धर्म का प्रचार करना है। उनके अनुसार भगवान की भक्ति के लिए कोई उम्र नहीं होती और बिना भक्ति के जीवन व्यर्थ है। बचपन से ही अपने पिता के बताए मार्ग पर चलते हुए उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। वह सनातन धर्म प्रेमियों को संदेश देती हैं कि सभी लोग अपने धर्म के प्रति सजग रहें और उसकी रक्षा में योगदान दें। इस क्रम में देवी राधिके ने राधा नाम संकीर्तन यात्रा का आयोजन किया और अब श्री साईं धाम में तीन दिवसीय कथा का शुभारंभ हो रहा है। कथा के उपरांत गरीबों में वस्त्र वितरण और विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा जिससे समाज में सेवा और धर्म की भावना और अधिक प्रबल हो सके।