बीते 24 घंटे से हो रही रिमझिम बारिश ने जहां मौसम को सुहावना कर दिया है, वहीं नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की लापरवाही को भी उजागर कर दिया है। महाराजपुर क्षेत्र में मानसून की पहली बारिश में ही सरसौल और महाराजपुर ओवरब्रिज की पोल खुल गई। ओवरब्रिज से गिर रहे तेज पानी के कारण अब हाईवे पर हादसों का डर बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार ओवरब्रिज की ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह फेल है। तेज बारिश होते ही ऊपर से पानी का तेज बहाव सीधे नीचे सड़क पर गिरता है। सरसौल अंडरपास के पास दुकान चलाने वाले दुकानदारों ने बताया कि जब भी बारिश होती है तो ऊपर से अचानक पानी गिरने लगता है। इस दौरान गुजर रहे बाइक सवार और कार चालक पानी का तेज झोंका आने से असंतुलित होकर गिरते-गिरते बचते हैं। अचानक पानी आने के कारण कई बार छोटे-मोटे हादसे भी हो चुके हैं। समस्या सिर्फ सरसौल तक सीमित नहीं है। महाराजपुर ओवरब्रिज पर भी यही हाल है। यहां हाईवे के ऊपर लगातार जलभराव बना रहता है, जिससे सड़क धंसने और फिसलन का खतरा बना रहता है। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूलों की छुट्टी के समय होती है। आसपास कई विद्यालय होने के कारण सैकड़ों बच्चे इसी रास्ते से गुजरते हैं। ऊपर से गिरता पानी और सड़क पर भरा कीचड़ बच्चों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि NHAI ने ओवरब्रिज बनाते समय पानी की निकासी के लिए जो पाइप डाले थे वो जाम वो जाम पड़े है उनकी सफाई के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। हर बार बारिश में यही स्थिति बन जाती है और शिकायतों के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। लोगों ने NHAI और जिला प्रशासन से मांग की है कि ओवरब्रिज पर तुरंत ड्रेनेज की मरम्मत कराई जाए और जलभराव रोकने के लिए स्थायी समाधान किया जाए, वरना बारिश तेज होने पर किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।