हाड़ कंपाने वाली ठंड, कोहर भरी रातें और ऊपर से खूंखार वनरोजों का आतंक, ये भीतरगांव इलाके में अन्नदाता की कड़वी हकीकत है। जहाँ लोग रजाई में दुबक कर सुकून की नींद ले रहे हैं, वहीं क्षेत्र का अधिकतर किसान अपनी सालभर की मेहनत को बचाने के लिए कड़ाके की ठंड में खेतों की मेड़ पर जलते अलाव के बीच लाठी लेकर रात गुजारते हैं।