थाना प्रभारी कोतवाली, फीलखाना, मूलगंज, क्राइम ब्रांच, क्यूआरटी की टीम जल्द से जल्द जेड स्कवायर पहुंचिए। वहां दो आतंकियों ने कुछ लोगों को बंधक बना लिया है। उनके हाथों में खतरनाक हथियार हैं। जल्द से जल्द कार्रवाई कीजिए...। पुलिस कंट्रोल रूम से दोपहर करीब 2:25 बजे मैसेज जारी होते ही पुलिस, क्राइम ब्रांच, क्यूआरटी, एक कंपनी पीएसी, फायर ब्रिगेड की गाड़ी और एंबुलेंस पहुंच गई। उन्होंने तीनों तरफ से कार्रवाई कर आतंकियों को दबोच कर बंधक बनाए लोगों को छुड़ा लिया। मौका था आतंकी हमले को लेकर गुरुवार को पुलिस की ओर से मॉक डि्रल के आयोजन का, जिसके लिए काल्पनिक घटनाक्रम बनाया गया था। यह इस तरह का पुलिस की ओर से किया गया पहला अभ्यास था। इसमें एटीएस मुख्यालय से प्रशिक्षण लेकर आए पुलिसकर्मियों ने वास्तविक तरीके से अभ्यास किया। पहले एक टीम आतंकियों को उलझाकर रखे रही। उनकी मांगें सुनी, जिसमें आरोपियों ने दस करोड़ रुपये, भागने के लिए कार, वायरलेस और जेल में बंद साथी को मुक्त कराने की बात रखी। इस दौरान दो टीमें अलग अलग रास्ते से होकर जेड स्क्वायर के अंदर दाखिल हो गईं। उन्होंने लोगों को इशारों से पीछे हटने के लिए कहा, जबकि एकाएक पीछे की ओर से दोनों आतंकियो को दबोच लिया। एक टीम में डीसीपी हेडक्वार्टर एसएम कासिम आबिदी मोर्चे में थे, जबकि दूसरी टीम का नेतृत्व एडीसीपी महिला अपराध डॉ. अर्चना सिंह ने किया।