परमट का काली घाट रविवार को फिर से परिवर्तन का गवाह बना। यहां श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव और सम्मान के साथ देवी-देवताओं की पूजित एक लाख से अधिक मूर्तियों का भूमि विसर्जन किया। इससे पहले आचार्यों ने मंत्रोचारण, महाआरती के साथ पूजन कराया। मूर्ति विसर्जन पर्व में शहर के अलग-अलग हिस्सों से लोग शामिल हुए। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई। कार्यक्रम की जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, समाजसेवियों ने मुहिम की सराहना की। श्री ओमर वैश्य युवा परिवार और अमर उजाला के सहयोग से पूजित मूर्तियों के एकत्रीकरण व ससम्मान भूमि विसर्जन के लिए पिछले 20 दिन से अभियान चलाया जा रहा था। इसके लिए पूरे शहर में लोगों को जागरूक करने के साथ मूर्तियां एकत्र करने के लिए 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टालों पर रविवार तक एक लाख से अधिक मूर्तियां एकत्रित हुईं। रविवार को इनके भूमि विसर्जन से पहले काली घाट पर पांच आचार्यों ने विधि-विधान से पूजन कराया।