भीतरगांव इलाके में जनवरी के अंतिम दिनों में मौसम के बदले मिजाज और क्षेत्र में हुई हल्की बूंदाबांदी ने गेहूं के किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। कृषि विशेषज्ञ शिवम उमराव का मानना है कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए किसी 'अमृत' से कम नहीं है। इससे न केवल पौधों को प्राकृतिक नमी मिली है, बल्कि कल्ले फूटने की प्रक्रिया तेज होने से भविष्य में पैदावार में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है।